How Improve Speaking Skills-चालाकी से बात करें

 How Improve Speaking Skills-चालाकी से बात करने की Secret

How Improve Speaking Skills- दोस्तों क्या आपको कभी ऐसा लगा है कि जब आप किसी से बात कर रहे थे। तो आप उस सिचुएशन को अच्छे से नियंत्रण कर सकते थे। या क्या कभी आपको ऐसा feel हुआ है कि शायद अगर आपने उस टाइम कुछ और बोला होता तो उस बातचीत का नतीजा आपके पक्ष में होता। तो एक study के अनुसार जब दो लोग बात कर रहे होते हैं तो 95% बातचीत कभी भी दोनों लोगो की मर्जी से ख़तम नहीं होती, किसी के लिए वो conversation बहुत छोटी होती है जबकि सामने वाले को वो बातचीत काफी लम्बी लग सकती है। 

                                  How Improve Speaking Skills

How Improve Speaking Skills

और सिर्फ 5% cases में ही दोनों लोगो को ऐसा लगता है कि वो बात सही टाइम पर खत्म हो गयी और जिसमे दोनों सहमत हों, तो हम अपनी बातचीत या समझौता वार्ता कौशल को बेहतर कर सकें। इसलिए हम कुछ magical शब्दों का use करके उस conversation को अपने अनुसार control कर सकते हैं और सामने वाले व्यक्ति को अपनी बात से सहमत करवा सकते हैं। तो आज इस आर्टिकल में हम आपके साथ इन्ही magic words को शेयर करेंगे जिससे कि आप भी अपनी बातों से बातचीत को अपने फेवर में कर पाएंगे। 

                                     How Improve Speaking Skills

1. I’m Not Sure If It’s For You, But – मुझे यकीन नहीं है कि यह आपके लिए है, लेकिन

जब भी आप किसी से बात करते टाइम किसी न्यू idea या टॉपिक को परिचय कराते हैं या अपने प्रोडक्ट के बारे में बताते हैं और आप चाहते है कि वो आपको सुने तो आप को उस idea को डायरेक्टली शेयर करके सामने वाले व्यक्ति को समझाने के लिए force करने कि बजाये उसे challenge करे कि वो आपकी बात को accept कर भी पाएगा या नहीं। 

जैसे- “मुझे नहीं पता कि यह आप के लिए ज़रूरी है या नहीं पर मूझे लगता है कि आपको मेरी यह बात एक बार ज़रूर सुननी चाहिए”। जब आप सुननेवाले को ये challenge करते हो कि आप निश्चित नहीं हो, या ये उनके लिए है या नहीं तो वो स्वयं ही उस बात में इच्छुक हो जाते हैं, ये जानने के लिए कि आखिर वो बात है क्या और फिर वो उस बात को ज्यादा ध्यान से सुनते हैं।                                                                                                        (How Improve Speaking Skills)

2. Open Minded – खुले विचारों वाला

अगर आप 1000 लोगो के रूम में ये सवाल पूछो कि आप में से कितने लोग खुद को ओपन minded मानते हो तो कम से कम 90% यानि कि 900 लोग अपने हाथ जरुर उठाएंगे क्यूंकि कोई भी अपने आपको closed minded नहीं मानता, सबको लगता है कि वो अलग डायरेक्शन में सोच सकते हैं। तो जब आप उनकी राय जानने से पहले उनसे ये पूछते हो कि वो कितने ओपन minded है तो आप पहले ही उनके mind को openly सोचने के लिए तैयार कर देते हो। 

जैसे – अगर आप किसी से पूछो, क्या आप अपनी इनकम को बढ़ा सकते हो? वही अगर आप पूछोगे आप अपनी income को बढ़ाने के बारे में कितने ओपन minded हो? तो ये उनको push करेगा कि वो सच में ओपन mind सेट के बारे में सोचे और वो कोई न कोई उपाय जरुर निकालने की कोशिश करेंगे। 

3. What Do You Know – आप क्या जानते हो?

कई बार ऐसा होता है कि जब हम किसी से सामान्य रूप से बात कर रहे होते हैं तो वो बात बहुत जल्दी एक बहस में बदल  जाती है क्यूंकि आप जिससे बात कर रहे हो वो already ये सोचता है कि उसको आपसे ज्यादा पता है तो सिर्फ अपनी बात को साबित करने से पहले उस व्यक्ति के ज्ञान को challenge करो।

जैसे- केवल ये बताने के बजाये कि आप कैसे हो? आप कैसे काम करते हो आदि? आप आराम से उनसे पूछो आप हमारे बारे में क्या जानते हैं। आपको इस विषय के बारे में exactly क्या-क्या पता है? क्या आपको इस काम के बारे में सारी नॉलेज है? ऐसा करने से सामने वाले व्यक्ति को ये एहसास होगा कि उनकी राय भी गलत हो सकती है। उनको पूरी नॉलेज नहीं है जिससे कि वो आपको बातों से अपने ओपिनियन को बदलने के लिए भी तैयार हो सकते हैं। 

4. How Would You Feel – तुम कैसा महसूस करोगे?

अगर आप किसी को कुछ काम करने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं तो सिर्फ उन्हें अपनी बातो से chargeup करने कि बजाये, जब आप उन्हें ये महसूस करा पाएंगे कि उन्हें उस काम को करने से भविष्य में कितना फायदा हो सकता या फिर वो किसी नुकसान से बच सकते हैं तो वो अपने आप ही आपकी बातों को गंभीरता से लेंगे। 

जैसे– आपको कैसा feel होगा अगर अपने इस goal को प्राप्त कर लिया तो, आपको कैसा feel होगा अगर आप फ़ैल हो गये हो?  बात करते टाइम जब आप सामने वाले के भविष्य को डिस्कस करने लगते हो तो वो खुद ब खुद ही अपने भविष्य के लिए excited हो जाते हैं। आपको ये टिप किसी को बेवकूफ बनाने के लिए use नहीं करनी, सिर्फ तभी करनी है जब आप किसी का सच में भला चाहते हो और उसे प्रेरित करना चाहते हो। 

5. Just Imagine – जरा सोचो                                                            

हम सब हर एक फैसले को दो बार लेते हैं, पहली बार हम अपने दिमाग में तय करते हैं और दूसरी बार उसे असलियत में लेते हैं और हर फैसले को लेने से पहले आप अपने अवचेतन मन में उसके परिणाम को कल्पना करते हैं। जैसा आप चाहते है कि वो होना चाहिए जो आपके लिए सबसे अच्छा हो। तो लोगो से बात करते टाइम उन्हें कल्पना करवाओ कि आप जो कह रहे हैं उससे उन्हें क्या-क्या लाभ मिल सकता है और कैसे वो आपकी बहुत हेल्प कर सकता है?

जैसे- कल्पना करो अगर अपने पढाई नहीं करी तो आपके साथ क्या होगा? just imagine अगर आपने इससे आज से लागू करना शरू कर दिया तो आज से 6 महीने बाद आपको कितना फायेदा होगा? जब आप लोगो के दिमाग में picture create करने लग जाते हैं तो आपकी बातों का प्रभाव बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। 

6. When Would Be A Good Time? – अच्छा समय कब होगा?

जब भी आप किसी से सीरियस बात करना चाहते हो या कोई जरुरी बात शेयर करना चाहते हो जिसमे सामने वाला पुरे ध्यान से आपकी बात सुनने को तैयार हो तो आपको उनसे पूछना चाहिए कि इस बातचीत के लिए उनके हिसाब से सबसे अच्छा टाइम क्या होगा? तो इससे उनके दिमाग में ये बैठ जाता है कि अच्छा ये टाइम होगा। जिसमे वो ध्यान से आपकी बात सुनने के लिए तैयार होंगे। जिससे कि वो उस बातचीत के लिए माना नहीं कर पाते और उनके टाइम के हिसाब से ही सही वो आपकी बात सुनेंगे जरुर। 

जैसे- इस काम को करने के लिए आपके लिए सही टाइम क्या होगा? या आपके लिए सही टाइम क्या होगा इस मीटिंग का? जब आप ऐसे प्रश्न पूछते हो तो ये उन्हें दिखता है कि आप सामने वाले के टाइम की कदर करते हो जिससे कि वो आपकी बात का सम्मान करते है और उसे फुल ध्यान से सुनते है। 

7. You Have 3 Options – आपके पास 3 विकल्प हैं

कोई भी व्यक्ति manipulated feel नहीं करना चाहता। सब ये चाहते हैं कि वो अपने फैसले अपनी मर्जी से लें। अगर आप किसी को विशेष निर्णय पर लाना चाहते हो तो बातचीत के बाद आप उन्हें 3 विकल्प दें, जिससे की उनके दिमाग से सारी उलझन दूर हो और वो किसी अन्तिम निर्णय पर आयें।

जैसे – इस परिस्थिति से deal करने के लिए आपके पास 3 विकल्प हैं आपको क्या लगता है? आपके लिए best कौन सा है। 

8. Two Types Of People- दो तरह के लोग होते हैं।  

आप आसानी से अपनी बात में लोगो का इंटरेस्ट तो create कर सकते हो। पर उन्हें किसी एक फैसले पर लेके आना जो उनके और आपके भी फेवर में हो बहुत मुश्किल काम है तो जब ऐसी परिस्थिति आये उन्हें कुछ (scenario) कथानक कल्पना करवाएं जिससे कि वो सबसे अच्छा निर्णय ले पायें और इसमें उनके पास विकल्प जितने ज्यादा अलग होंगी सामने वाले के लिए उठना ही आसन होगा अपने लिए सही  को figureout करना। 

जैसे-  इस दुनिया में 2 तरह के लोग होते है। एक वो जो बिना कुछ अनुभव करे ही उसे judge करने लगते हैं और दुसरे वो जो किसी भी चीज को judge करने से पहले उससे एक बार खुद try करते हैं और नये अनुभव लेते हैं उसके बाद अपना ओपिनियन देते हैं। 

9. Before You Make Your Mind Up – इससे पहले कि आप अपना मन बना लें

किसी का भी फैसला बदलना लगभग असंभव है तो उनके निर्णय को जोर जबरदसती बदलने के बजाये पहले उन्हें may be शायद स्थिति में लाना बहुत जरुरी हैं। जहाँ उन्हें अपने फैसले पर शक होने लगे, उन्हें ये feel होगा कि शायद जो आप  कह रहे हैं वो उनके फायदे के लिए हो, तो जब भी कोई आपकी बात से असहमत हो तो आप इन जादुई शब्दों का उपयोग करें

और कहे – इससे पहले कि आप अपना फैसला लें एक बार सारे फैक्ट पर नज़र डाल लेते हैं?  इससे पहले कि आप अपना मन बना लें कि आपको यह deal पसंद आई या नहीं आपको एक बार इस deal से मिलने वाले सारे लाभ के बारे में सोच लेना चाहिए। ऐसा करना उनके decision को प्रभावित करेगा। 

10. What Makes You Say That – आप क्या कहते हैं कि

असहमति हम सभी कीई एक सामान्य समस्या है। आप किसी से कुछ अपेक्षा करते हैं आप चाहते हैं कि वो आपकी बात से सहमत हो पर ज्यादातर टाइम इसका उल्टा होता है और आम तौर पर असहमति बातचीत का एंड होता है। अपनी बात से लोगो को agree करवाने की चाबी है conversation पर अपना control रखना और जो व्यक्ति प्रश्न पूछता है वो हमेशा बातचीत को control करता हो तो अगर next टाइम आप किसी को बातचीत में असहमति face कर रहे हों

और बातचीत का control खो कर रहे तो ये जादुई शब्द आपको बहुत हेल्प करेंगे। सामने वाले से पूछें कि वो जो कह रहा है उसका कारण क्या है? वो ऐसा क्यूँ सोचता है? इससे आप उनपे उन्ही की statement कथन की जिम्मेदारी डालते हो जिससे आपको उनकी कारणों के बारे में पता चलता रहता है। आप उन्हें और अच्छे से समझने लगते हो और अपनी बात को और बेहतर तरीके से वर्णन करते हो जिसमे उनका फायदा हो सकता है। 

जैसे अगर कोई ग्राहक ये कहकर आप बात सुनने से मना करता कि मैं अभी इसे नहीं खरीद सकता, तो उनकी इस बात को काउंटर करने कि बजाये आप उनसे पूछो कि आप ऐसा क्यों कह रहें है? जिससे आपको उनके कारणों के बारे में पता चलेगा। हो सकता है उनके पास पैसा ना हो या सही समय ना हो जिससे आप उन्हें बेटर deal दे सकें जिसमे वो comfortable हों। 

और अगर आप इन शब्दों का उपयोग करके सही समय पर सही शब्दों का use करके सही बात को बोलने कि इस skill को बेहतर कर लो तो आप बातचीत को हमेशा अपने control में रखोगे और अपनी बात से लोगो को agree करवाने में सफल रहोगे।  

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